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संवेदनशीलता पर ग़ज़लें

कुछ कहल ना

अशोक द्विवेदी

चाल देशी ना

जौहर शफियाबादी

बहुत घिना के ना, तनिको दुलार के देखीं

सतीश्वर सहाय वर्मा ‘सतीश’

करेजा बा कठोर जब ले ना नरम होई

सतीश्वर सहाय वर्मा ‘सतीश’

हर जगह बिसवास

कृष्णानन्द कृष्ण

सादा कागज पर चिचरी पराइल करी

सतीश्वर सहाय वर्मा ‘सतीश’

जहाँ-तहाँ से दरकल बाटे

ब्रजभूषण मिश्र