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फ़ैसला तो आ गया, फ़र्क़ जानते हैं!

‘हिन्दवी’ ने अपने प्रयोगधर्मी साहित्यिक प्रयत्नों के अंतर्गत वर्ष 2022 के सितंबर में ‘हिन्दवी कैंपस कविता’ की शुरुआत की थी। इस पहल का पहला आयोजन इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिंदी एवं आधुनिक भारतीय भाषा विभाग के सहयोग से संपन्न हुआ। नई पीढ़ी की रचनाशीलता को मंच देने और विश्वविद्यालय परिसरों में कविता की नई ऊर्जा को पहचानने की दृष्टि से यह एक महत्त्वपूर्ण पहल रही आई। इसके तीन वर्ष बाद गत वर्ष ‘हिन्दवी उत्सव’-2025 में इस पहल का विस्तार करते हुए इसे अखिल भारतीय स्वरूप दिया गया और इसका नाम ‘ऑल इंडिया कैंपस कविता’ [AICK] रखा गया। इस नए रूप में देश भर के विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।

इस वर्ष के ‘हिन्दवी उत्सव’ में ‘ऑल इंडिया कैंपस कविता’ अपने दूसरे संस्करण के साथ एक बार फिर इलाहाबाद लौटा। इस बार ‘ऑल इंडिया कैंपस कविता’ में कविता भेजने के लिए विद्यार्थी होना अनिवार्य नहीं था, इसमें 35 वर्ष या उससे कम आयु के कवि-रचनाकार हिस्सा ले सकते थे।

‘हिन्दवी’ ने 10 जुलाई 2026 से ‘ऑल इंडिया कैंपस कविता’-2026 के लिए प्रविष्टियाँ आमंत्रित की थीं। प्रविष्टियाँ भेजने की अंतिम तिथि 2 अगस्त 2026 तक निर्धारित थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 4 अगस्त 2026 कर दिया गया। इस अवधि में कुल 1739 प्रविष्टियाँ प्राप्त हुईं। 7 अगस्त को ‘ऑल इंडिया कैंपस कविता’-2026 की लॉन्ग-लिस्ट जारी की गई। लॉन्ग-लिस्ट में शामिल प्रतिभागियों की कविताओं से गुज़रने के बाद 8 अगस्त को टॉप 100 की घोषणा की गई। इसके बाद कल 9 अगस्त को टॉप 40 सूची और 10 अगस्त को टॉप 20 सूची जारी करने के बाद, अंतिम दस कवि—टॉप 10 [फ़ाइनल लिस्ट] जारी की गई।

इसके बाद ‘ऑल इंडिया कैंपस कविता’-2026 के निर्णायकों—यानी आप सब हिंदी-पाठकों-प्रेमियों को विजेता चुनने की ज़िम्मेदारी सौंप दी गई। 11 अगस्त को ओपन की गई वोटिंग-प्रक्रिया के तहत आप अपने पसंदीदा कवि को ‘हिन्दवी’ वेबसाइट पर बनाए गए वोटिंग-पेज पर जाकर वोट कर सकते थे। वोट करने की अंतिम तिथि 22 अगस्त 2026 थी।

AICK कार्यक्रम रविवार, 23 अगस्त 2026 को उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र [NCZCC], प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में ‘हिन्दवी उत्सव’ के अंतर्गत हुआ।

‘ऑल इंडिया कैंपस कविता’-2026 के संस्करण में हुए तीन महत्त्वपूर्ण परिवर्तन :

आप जानते हैं कि ‘हिन्दवी उत्सव’-2025 में ‘ऑल इंडिया कैंपस कविता’ प्रतियोगिता में देश भर के विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों ने भागीदारी की थी। इस पहले संस्करण में प्रतिभागियों का विद्यार्थी होना एक अनिवार्य बिंदु था। हमें सुझाव दिए गए कि इस बिंदु पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।

हिन्दवी संपादकीय समिति ने इस प्रकार के सुझावों पर सोच-विचार कर यह निर्णय किया कि ‘ऑल इंडिया कैंपस कविता’-2026 में विद्यार्थी होने की अनिवार्यता को लागू नहीं किया जाएगा। इसलिए AICK के इस संस्करण में 35 वर्ष या उससे कम आयु के सभी रचनाकार हिस्सा ले सकते थे।

‘ऑल इंडिया कैंपस कविता’-2025 में और 2026 निर्णय के लिए वोटिंग-प्रक्रिया पर भी काफ़ी चर्चा हुई। इसे बेहतर चयन के प्रसंग में अंतिम रूप से अपर्याप्त सिद्ध करने के लिए तर्क प्रस्तुत किए गए।

इस प्रकार की चर्चा के प्रकाश में ‘हिन्दवी’ ने AICK के दूसरे संस्करण में इस बार विशिष्ट ज्यूरी सम्मान की शुरुआत की। ‘हिन्दवी’ संपादकीय समिति ने तय किया कि ऑनलाइन वोटिंग से चुने गए तीन विजयी प्रतिभागियों के अतिरिक्त, सभी 10 प्रतिभागियों की कविताओं का मूल्यांकन ‘हिन्दवी उत्सव’ में उपस्थित अतिथि कवियों-लेखकों द्वारा लाइव कविता-पाठ के दौरान किया जाएगा। इस ऑफ़लाइन मूल्यांकन के आधार पर चुने गए प्रतिभागी को ‘विशिष्ट ज्यूरी सम्मान’ दिया जाएगा। सम्मानित प्रतिभागी को कविता-संध्या सत्र [कविताई] में अतिथि कवियों के साथ पुनः कविता-पाठ का अवसर भी मिलेगा।

‘ऑल इंडिया कैंपस कविता’-2026 में विशिष्ट ज्यूरी सम्मान के लिए ज्यूरी तीन नामों को प्राथमिकता दी। इनमें रूमा निषाद तीसरे स्थान पर, कंचन सिंह दूसरे स्थान पर और प्राची को पहले स्थान पर चुना गया। इसके फलस्वरूप प्राची ने कविता-संध्या सत्र [कविताई] में अतिथि कवियों [वीरू सोनकर, जोशना बैनर्जी आडवानी, विवेक निराला, गगन गिल, ज्ञानेंद्रपति] के साथ पुनः कविता-पाठ किया। इस वर्ष ज्यूरी में ज्ञानेंद्रपति, प्रियंवद और गगन गिल शामिल रहे।

आप यह भी जानते ही हैं कि ‘ऑल इंडिया कैंपस कविता’ में निर्णय का ज़िम्मा हिंदी-पाठकों-प्रेमियों के हिस्से रहता है और वोटिंग के आधार पर हुए निर्णय से ही ‘ऑल इंडिया कैंपस कविता’ के अंतिम रूप से विजेता-कवि चुने जाते हैं। लेकिन उन्हें कितने वोट मिले और उनका वोट-प्रतिशत कितना रहा; यह हमने गत वर्ष गोपनीय रखा था, लेकिन इस वर्ष इस पर भी काफ़ी बातें हुईं और स्वयं प्रतिभागी-कवियों ने प्रतियोगिता संपन्न होने के बाद अपने वोट जानने चाहे।

हमने प्रतियोगिता के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता बनाए रखते हुए इस संस्करण में लॉन्ग-लिस्ट के बाद और टॉप 10 [अंतिम सूची] से पहले टॉप 100, टॉप 40 और टॉप 20 प्रतिभागियों की सूचियाँ भी जारी कीं। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए, प्रतिभागी-कवियों और आप सभी की इच्छा का सम्मान करते हुए अब अंतिम परिणाम भी आपसे साझा कर रहे हैं—यानी प्रतिभागी-कवियों को मिले आपके वोट और उनका वोट-प्रतिशत :



‘हिन्दवी’ ने अपनी अब तक की यात्रा में सदा रचनाकारों, पाठकों और साहित्य-प्रेमियों के संदेशों, सुझावों और सहयोग को बहुत महत्त्व दिया है। ‘हिन्दवी कैंपस कविता’ से लेकर ‘ऑल इंडिया कैंपस कविता’ तक की यह यात्रा भी आपके विश्वास, सहभागिता और निरंतर सहयोग से ही संभव हो सकी है।

‘ऑल इंडिया कैंपस कविता’ के दूसरे संस्करण में भी आपने निर्णायक की भूमिका निभाई, प्रतिभागी-कवियों की कविताओं को पढ़ा, उन्हें अपना समर्थन दिया और अपने वोट के माध्यम से अंतिम निर्णय में भागीदारी की। आपके सुझावों के आधार पर इस बार प्रतियोगिता के स्वरूप में बदलाव किए गए और 35 वर्ष या उससे कम आयु के सभी रचनाकारों के लिए इसमें भागीदारी का अवसर खोला गया। इसके साथ ही विशिष्ट ज्यूरी सम्मान जैसी नई पहल भी इस प्रतियोगिता में जोड़ी गई। इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए हमने पूरी जान लगा दी। ‘हिन्दवी’ लगातार बेहतर करने और अपने पाठकों के साथ मिलकर आगे बढ़ने में विश्वास रखता है। इस सिलसिले में आपका स्नेहयुक्त विश्वास, आपकी सहयोगशीलता और आपके सुझाव ही हमारी सबसे बड़ी पूँजी रहे आए हैं। इस रचना-प्रसार-यात्रा में आपका साथ आगे भी यूँ ही बना रहे... ऐसी कामना है!

आप सभी का हृदय से आभार!

 

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