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‘ऑल इंडिया कैंपस कविता’-2026 के टॉप 10 : ‘इलाहाबाद के पथ पर...’

हिंदी साहित्य की परंपरा में इलाहाबाद—अब प्रयागराज—का उल्लेख केवल एक शहर के रूप में करना उसके सांस्कृतिक महत्त्व को कम करना होगा। इलाहाबाद आधुनिक हिंदी साहित्य की उन निर्णायक जगहों में रहा है; जहाँ साहित्य केवल रचा ही नहीं गया, बल्कि जीवन और सार्वजनिक संस्कृति का हिस्सा बनकर रहा। विश्वविद्यालय, पत्र-पत्रिकाएँ, साहित्यिक संस्थाएँ, प्रकाशन, कॉफ़ी हाउस और संसार भर के साहित्यकारों की सतत आवाजाही ने मिलकर यहाँ एक ऐसा वातावरण बनाया; जिसमें साहित्य किसी अलग संसार की गतिविधि न रहकर रोज़मर्रा के जीवन, बातचीत और अनुभवों के बीच अपनी जगह बनाता रहा। यही वह सांस्कृतिक निरंतरता है, जिसने इलाहाबाद को साहित्य के मानचित्र पर एक विशिष्ट और अपरिहार्य जगह दी।

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला, सुमित्रानंदन पंत, महादेवी वर्मा, हरिवंश राय बच्चन, धर्मवीर भारती जैसे रचनाकारों की उपस्थिति ने इलाहाबाद को साहित्य के एक असाधारण केंद्र में बदल दिया। यों देखें तो इलाहाबाद से वास्ता रखने वाले साहित्यकारों और कलाकारों के नाम गिनाएँ, तो नाम छूट जाने की आशंका बहुत बड़ी हो जाती है। यह विशेषता केवल हिंदी तक सीमित नहीं है। इलाहाबाद हिंदी-उर्दू की साझा सांस्कृतिक परंपरा का भी एक महत्त्वपूर्ण केंद्र रहा। अकबर इलाहाबादी और फ़िराक़ गोरखपुरी जैसे रचनाकारों की उपस्थिति ने इस शहर में एक अद्वितीय साहित्यिक-सांस्कृतिक चेतना का विस्तार किया।

अब समय है—हिंदी की नई पीढ़ी के कवियों का उस पते पर लौटने का।

गई जुलाई से ही हम लगातार ऑल इंडिया कैंपस कविता-2026 से संबंधित सूचनाएँ हिंदी-प्रेमियों और प्रतिभागियों के साथ साझा कर रहे हैं। इस क्रम में हमने गत 7 अगस्त को हिन्दवी ‘ऑल इंडिया कैंपस कविता’-2026 की लॉन्ग-लिस्ट जारी की। इस सूची में हमने इस कविता-प्रतियोगिता में प्रविष्टि भेजने वाले सभी प्रतिभागियों के नाम साझा किए। लॉन्ग-लिस्ट में शामिल प्रतिभागियों द्वारा भेजी गई प्रत्येक प्रविष्टि से गुज़रने के बाद हमने 8 अगस्त को ‘ऑल इंडिया कैंपस कविता’-2026 के टॉप 100 का चयन किया। इसके बाद कल 9 अगस्त को हमने टॉप 40 सूची जारी की और आज 10 अगस्त को टॉप 20 सूची जारी करने के बाद, हम अब अंतिम दस कवियों का चयन प्रस्तुत करने जा रहे हैं। 

इस पूरी प्रक्रिया में हमें देश भर से प्रविष्टियाँ प्राप्त हुईं—विश्वविद्यालयों से भी और जीवन के विश्वविद्यालयों से भी। इन प्रविष्टियों में प्राप्त कविताओं में शैलियों, स्वरों और संवेदनाओं की विविधता ने हमारे इस विचार को और सुदृढ़ किया कि हिंदी की नई पीढ़ी सब जगह लगातार अपनी भाषा, कथ्य और शिल्प के साथ प्रयोग कर रही है। वह अपने अनुभवों और विचारों को बग़ैर किसी फ़िल्टर के कहने में बिल्कुल झिझक नहीं रही है। चयन-प्रक्रिया में हमने बेहद सजगता से यह प्रयास किया कि काव्य-प्रतिभा, विषय और शिल्प के साथ-साथ प्रयोगशीलता, विविधता और कहने के साहस को प्रमुखता दी जाए।

टॉप 100 से टॉप 40, टॉप 40 से टॉप 20—और अब टॉप 20 से टॉप 10 तक... यह सफ़र अपने सबसे रोमांचक पड़ाव पर है। इस अवसर पर हम ‘ऑल इंडिया कैंपस कविता’-2026 में शामिल हुए प्रत्येक प्रतिभागी के प्रति आभार व्यक्त करते हैं कि उन्होंने अपनी कविताएँ हमारे साथ साझा कीं। टॉप 10 तक पहुँचने वाले सभी प्रतिभागी-कवियों को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएँ! अब इंतिज़ार है—अंतिम फ़ैसले का। 

मिलते हैं आपसे—‘इलाहाबाद के पथ पर...’ टॉप 10 :

अमन त्रिपाठी
आसित आदित्य
कंचन सिंह
कुशाग्र अद्वैत
प्रज्वल चतुर्वेदी
प्रदीप्त प्रीत
प्राची
रूमा निषाद
विनय चौधरी
सागर कुमार

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