सप्तक के कवि पर कविताएँ

अज्ञेय के संपादन में

प्रकाशित सप्तक शृंखला के काव्य-संग्रह, न स्वयं इतिहास का अंग हैं; बल्कि भविष्य की कविता-धारा के लिए भी एक दिशादृष्टि प्रदान करते हैं। ‘तार-सप्तक’ से शुरू हुई यह शृंखला ‘चौथा सप्तक’ के प्रकाशन के साथ पूरी हुई और इस क्रम में आधुनिक कविता की समकालीन धारा के प्रतिनिधित्व के साथ आगे की कविता-पीढ़ियों का मार्ग प्रशस्त किया। इस चयन में सप्तक में शामिल कवियों की कविताओं को जगह दी गई है।