तसनीफ़ हैदर के बेला
ज़िंदगी की बे-अंत नैरंगियों का दीदार
कहानी एक ऐसा हुनर है जिसके बारे में जहाँ तक मैं समझा हूँ—एक बात पूरे यक़ीन से कही जा सकती है कि आप कहानी में किसी भी तरह से उसके कहानी-पन को ख़त्म नहीं कर सकते, उसकी अफ़सानवियत को कुचल नहीं सकते। उद
11 दिसम्बर 2024
'ऐसे भी तो संभव है मृत्यु'
‘वनिका’ एक कमज़ोर उपन्यास है, जब मैं कमज़ोर कह रहा हूँ तो इसका यह मतलब नहीं कि यह एक ख़राब या सतही क़िस्म का कोई उपन्यास है। इसे इस तरह देखना चाहिए कि लवली गोस्वामी जो मेरी नज़र में बुनियादी तौर पर एक कवि
20 जुलाई 2024
‘द सेंस ऑफ़ एन एंडिंग’ : आशिक़ बना देने वाला नॉवेल
इंसान शायद इसीलिए सबसे अकेला जानवर भी है, क्योंकि उसने अपने लिए जीवन के उसूल बनाए हैं। जूलियन बार्न्स के नॉवेल ‘द सेंस ऑफ़ एन एंडिंग’ का जब मैंने अध्ययन किया, तब उनकी इस छोटी-सी किताब से मुझे अप
'जैसी हर एक दिल में है इस ईद की ख़ुशी'
छतों पर ठट का ठट जमा है, शाम हल्की शफ़क़ में डूबी आसमान पर लहरों के साथ किसी बच्चे की तरह अटखेलियाँ करती मुस्कुरा रही है। अभी सूरज डूबने में वक़्त है, मगर टोपियाँ, दुपट्टे नुमूदार हो रहे हैं। आख़िरी इफ़्