वसंत पर गीत

वसंत को ऋतुराज कहा गया

है, जब प्रकृति शृंगार करती है। प्रकृति-काव्य का यह प्रमुख निमित्त रहा है। नई कविताओं ने भी वसंत की टेक से अपनी बातें कही हैं। इस चयन में वसंत विषयक कविताओं को शामिल किया गया है।

सखि वसंत आया

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला

वसंत की प्रतीक्षा

जयशंकर प्रसाद

वसंत

जयशंकर प्रसाद

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