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दर्द पर कवितांश

‘आह से उपजा होगा गान’

की कविता-कल्पना में दर्द, पीड़ा, व्यथा या वेदना को मानव जीवन के मूल राग और काव्य के मूल प्रेरणा-स्रोत के रूप में स्वीकार किया जाता है। दर्द के मूल भाव और इसके कारण के प्रसंगों की काव्य में हमेशा से अभिव्यक्ति होती रही है। प्रस्तुत चयन में दर्द विषयक कविताओं का संकलन किया गया है।

अगर तुम चाहते हो

कि कोई तुम्हें बहुत प्रेम करे

और दुःख भी दे

तो तुम्हें मरना पड़ेगा।

नवीन रांगियाल

हिन्दवी उत्सव 2026

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