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स्मृति पर ग़ज़लें

स्मृति एक मानसिक क्रिया

है, जो अर्जित अनुभव को आधार बनाती है और आवश्यकतानुसार इसका पुनरुत्पादन करती है। इसे एक आदर्श पुनरावृत्ति कहा गया है। स्मृतियाँ मानव अस्मिता का आधार कही जाती हैं और नैसर्गिक रूप से हमारी अभिव्यक्तियों का अंग बनती हैं। प्रस्तुत चयन में स्मृति को विषय बनाती कविताओं को शामिल किया गया है।

सफर में गर

अशोक द्विवेदी

कबो झील तितली

जौहर शफियाबादी

तहरा सुधियन के

अशोक द्विवेदी

याद में तहरा

अशोक द्विवेदी

याद के तहरे

जौहर शफियाबादी

उमिर के लास कान्ही

नागेन्द्र प्रसाद सिंह

कढ़ावल प्रीत के के गीत

नागेन्द्र प्रसाद सिंह

कभी लौ का इधर जाना

डी. एम. मिश्र