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नाव पर बेला

कवियों ने नाव को जीवन

और गति के प्रतीक के रूप में देखा है। जीवन के भवसागर होने की कल्पना में पार उतरने का माध्यम नाव, नैया, नौका को ही होना है।

12 जून 2026

जब नाव नदी को पहली बार स्पर्श करती है

जब नाव नदी को पहली बार स्पर्श करती है

सुना और पढ़ा था कि जिस दिन नदी में नाव उतारी जाती है; वह दिन नाविक के जीवन में एक महत्त्वपूर्ण दिन होता है, लेकिन इस घटना को अपनी आँखों से मैंने देखा नहीं था। साल 2012 से मैं इसकी तलाश में था। मैं जब

30 जनवरी 2026

जगह-जगह 2.0 : मोबी-डिक : सनक, साहस और समुद्र की कथा

जगह-जगह 2.0 : मोबी-डिक : सनक, साहस और समुद्र की कथा

पानी ये पानी ख़ामुशी से बह रहा है इसे देखें कि इसमें डूब जाएँ —अहमद मुश्ताक़ समुद्र-साहित्य केवल साहसिक कथाओं से नहीं बना है। उसमें एक आदिम पुकार है कि पानी अपनी ओर खींचता है। उसमें मृत्यु औ