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भक्ति काव्य पर बेला

17 फरवरी 2025

मीरा : ‘प्रेम-प्रेम सब कोई कहे प्रेम न बूझे कोई’

मीरा : ‘प्रेम-प्रेम सब कोई कहे प्रेम न बूझे कोई’

अनंत ऊर्जा-शक्ति से पैदा हुआ जीव अंततः उसी में समा जाता है। सात महत्त्वपूर्ण चक्रों से युक्त मानव देह में जब ऊर्जा का प्रवाह ऊर्ध्व दिशा में होने लगता है, तब व्यावहारिक, सांसारिक और व्यक्तिगत भार जैस

23 जून 2024

क्या है क़व्वाली वाया सूफ़ी-संगीत का खुलता दरीचा

क्या है क़व्वाली वाया सूफ़ी-संगीत का खुलता दरीचा

हिंदुस्तान में क़व्वाली सिर्फ़ संगीत नहीं है। क़व्वाली इंसान के भीतर एक सँकरे मार्ग का निर्माण करती है, जिसमें एक तरफ़ ख़ुद को डालने पर दूसरी तरफ़ ईश्वर मिलता है। क़व्वाली की विविध विधाएँ हिंदुस्तान म

21 जून 2024

कोटि जनम का पंथ है, पल में पहुँचा जाय

कोटि जनम का पंथ है, पल में पहुँचा जाय

हिंदुस्तान में सूफ़ी-भक्ति आंदोलन एक ऐसी पुरानी तस्वीर लगता है, जिसके टुकड़े-टुकड़े कर विभिन्न दिशाओं में फेंक दिए गए। जिसे जो हिस्सा मिला उसने उसी को सूफ़ी मान लिया। हिंदी, उर्दू, फ़ारसी, पंजाबी, बंगाली,