Font by Mehr Nastaliq Web

सौंदर्य पर ग़ज़लें

सौंदर्य सुंदर होने की

अवस्था या भाव है, जो आनंद और संतोष की अनुभूति प्रदान करता है। सौंदर्य के मानक देश, काल, विषय और प्रसंग में बदलते रहते हैं। प्रस्तुत चयन में उन कविताओं को शामिल किया गया है; जिनमें सुंदरता शब्द, भाव और प्रसंग में प्रमुखता से उपस्थित है।

तोहार देह के छूके हवा गुजर जाई

सतीश्वर सहाय वर्मा ‘सतीश’

गुलाबी गजल

आरसी प्रसाद सिंह

अर्ज़ी

नवल बिश्नोई

हिन्दवी उत्सव 2026

रजिस्टर कीजिए