ग्रीष्म पर उद्धरण
ग्रीष्मकाल के रूप में
ऋतु-परिवर्तन और जमा अनुभूतियों-अनुभवों पर लिखी कविताएँ का संग्रह।

गर्मियों की रात विचार की पराकाष्ठा जैसी होती है।

वसंत के समीर और ग्रीष्म की लू में कितना अंतर है। एक सुखद और प्राण-पोषक, दूसरी अग्निमय और विनाशिनी। प्रेम वसंत समीर है, द्वेष ग्रीष्म की लू।

गर्मियों की शामें प्रायः हवाहीन हुआ करती हैं।