Font by Mehr Nastaliq Web

पाखंड पर उद्धरण

इस चयन में प्रस्तुत

कविताओं का ज़ोर पाखंडों के पर्दाफ़ाश पर है। ये कविताएँ पाखंड को खंड-खंड करने का ज़रूरी उत्तरदायित्व वहन कर रही हैं।

अपराधी व्यक्ति सोचते हैं कि सब बात उन्हीं के विषय में है।

जेफ़्री चौसर

स्त्री का नब्बे प्रतिशत प्रच्छन्न रहता है।

श्रीनरेश मेहता

इतना जान लो कि स्वर्ग का जितना अधिकार वेदों के ज्ञाता को है उतना ही अधिकार भंगी का काम करने वालों को है। किंतु यदि वेदों का ज्ञाता कोरा पंडित या पाखंडी हो तो वह चाहे जितना बड़ा विद्वान् क्यों हो, फिर भी नरक में पड़ेगा और भंगी 'ब्रह्म' शब्द जानते हुए।

महात्मा गांधी

हिन्दवी उत्सव 2026

रजिस्टर कीजिए