पाखंड पर उद्धरण
इस चयन में प्रस्तुत
कविताओं का ज़ोर पाखंडों के पर्दाफ़ाश पर है। ये कविताएँ पाखंड को खंड-खंड करने का ज़रूरी उत्तरदायित्व वहन कर रही हैं।

अपराधी व्यक्ति सोचते हैं कि सब बात उन्हीं के विषय में है।

स्त्री का नब्बे प्रतिशत प्रच्छन्न रहता है।