कवियों की सूची

सैकड़ों कवियों की चयनित कविताएँ

सुप्रसिद्ध काव्य-आलोचक और साहित्य-इतिहासकार। व्यास सम्मान से सम्मानित।

संस्कृत और हिंदी के समादृत कवि-कथाकार-आलोचक और अनुवादक। ‎साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

रीतिकाल के अलंकारप्रिय कवि। शृंगार के साथ सरल भक्तिपरक रचनाओं के रचयिता।

रीतिकालीन कवि और रीवां नरेश विश्वनाथसिंह के पुत्र।

आधुनिक हिंदी कविता के प्रमुख कवि और अनुवादक। अपनी पत्रकारिता और कहानियों के लिए भी प्रसिद्ध। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

नई पीढ़ी के कवि-लेखक।

समादृत कवि-कथाकार और पटकथा-लेखक। ‘आधा गाँव’ और ‘टोपी शुक्ला’ सरीखे उपन्यासों के लिए स्मरणीय।

भक्तिकाल के प्रमुख कवि। व्यावहारिक और सरल ब्रजभाषा के प्रयोग के ज़रिए काव्य में भक्ति, नीति, प्रेम और शृंगार के संगम के लिए स्मरणीय।

सुपरिचित कवि और अँग्रेज़ी-हिंदी के परस्पर अनुवादक।

भक्ति की ज्ञानमार्गी एवं प्रेममार्गी शाख़ाओं के मध्य सेतु। मीरा के गुरु।

प्रसादयुगीन महत्त्वपूर्ण कवि-गद्यकार-संपादक और कला-इतिहासकार। भारतीय कला आंदोलन में योगदान और गद्य-गीत के प्रणयन के लिए उल्लेखनीय।

सातवें दशक में उभरे कवि, लेकिन अब अलक्षित।

द्विवेदी युग के कथाकार-उपन्यासकार। अपनी विशिष्ट कथा-शैली के लिए उल्लेखनीय।

आरंभिक हिंदी गद्य के उन्नायक। नागरी लिपि के प्रयोग हेतु प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिए उल्लेखनीय।

सुपरिचित कवि, लेकिन अब कविता-लेखन से विरत। 'दो बारिशों के बीच' शीर्षक एक कविता-संग्रह प्रकाशित। बतौर संपादक और कार्टूनिस्ट भी सक्रिय। भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार से सम्मानित।

‘नई कहानी’ आंदोलन के प्रमुख कहानीकार-उपन्यासकार। ‘हंस’ पत्रिका के संपादक के रूप में चर्चित। लेखन के शुरुआती दौर में एक कविता-संग्रह 'आवाज़ तेरी है' शीर्षक से प्रकाशित।

आठवें दशक के प्रमुख कवि-लेखक और संपादक। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

सुपरिचित कवि-लेखक। जन संस्कृति मंच से संबद्ध।

आठवें-नवें दशक की हिंदी कविता का सुपरिचित नाम। अब दृश्य से ओझल। भीतर के ख़ालीपन से त्रस्त होकर आत्महत्या की।

भक्तिकाल के संत कवि। विवाह के दिन संसार से विरक्त हो दादूदयाल से दीक्षा ली। राम-रहीम और केशव-करीम की एकता के गायक।

अकविता दौर के कवि-कथाकार और अनुवादक। जोखिमों से भरा बीहड़ जीवन जीने के लिए उल्लेखनीय।

सुपरिचित कवि-लेखक।

नई पीढ़ी के कवि-लेखक।

सुपरिचित कवयित्री। दलित-संवेदना, संघर्ष और स्त्री-सरोकारों के लिए उल्लेखनीय।

आदिकालीन जैन कवि।

सुपरिचित कवयित्री और अनुवादक। सिनेमा से संबद्ध। भारतीय ज्ञानपीठ के नवलेखन पुरस्कार से सम्मानित।

सुपरिचित कवि-लेखक। ‘आजकल’ पत्रिका के संपादक।

नागरी प्रचारिणी सभा के संस्थापक सदस्य और सभापति। भारतेंदु युग में साहित्यिक योगदान के लिए उल्लेखनीय।

भारतेंदु युग की अचर्चित कवयित्री।

अत्यंत प्रसिद्ध गीतकार।

नई पीढ़ी के कवि, लेखक और इतिहासकार।

अपने उपनाम के अनरूप ही फक्कड और विद्रोही कवि। जे.एन.यू की पहचान। जन संस्कृति मंच से संबद्ध।

समादृत आलोचक, निबंधकार, साहित्य-इतिहासकार, कोशकार और अनुवादक। हिंदी साहित्य के इतिहास और आलोचना को व्यवस्थित रूप प्रदान करने के लिए प्रतिष्ठित।

समादृत कवि और निबंधकार। ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित।

सातवें दशक के अल्पचर्चित-अलक्षित हिंदी कवि-लेखक।

सुपरिचित कवि-गद्यकार। सिने-आलोचना से भी संबद्ध।

सुपरिचित कवि। ‘अलाव’ पत्रिका के संपादक।

सुपरिचित कवि और कथाकार।

समादृत कवि, एकांकीकार और आलोचक। पद्मभूषण से सम्मानित।

छायावादी कवि और गद्यकार। ग्रामगीतों के संकलन के लिए स्मरणीय।

हिंदी की प्रसिद्ध साहित्यकार। दलित और आदिवासी संवेदना के लिए उल्लेखनीय। ‘युद्धरत आम आदमी’ के संपादन के लिए भी चर्चित।