कवियों की सूची

सैकड़ों कवियों की चयनित कविताएँ

मध्यकालीन भक्ति-साहित्य की निर्गुण धारा (ज्ञानाश्रयी शाखा) के अत्यंत महत्त्वपूर्ण और विद्रोही संत-कवि।

सुपरिचित कवि। गद्य-लेखन में भी सक्रिय।

अकविता आंदोलन के समय उभरे हिंदी के प्रतिष्ठित कवि। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

नई पीढ़ी की कवयित्री।

रीतिकाल। नायिकाभेद और नख-शिख वर्णन में सिद्धहस्त और सहृदय कवि।

नई पीढ़ी से संबद्ध कवि-लेखक। एक कविता-संग्रह 'हिंदी का नमक' शीर्षक से प्रकाशित।

सातवें दशक के कवि। ‘जरत्कारु’ शीर्षक कविता-संग्रह और समाजवादी विचारों के लिए उल्लेखनीय।

सिद्ध कवि। समय : 840 ई. के आस-पास। पौराणिक रूढ़ियों और उनमें फैले भ्रमों के विरुद्ध।

ब्रजभाषा के सरस कवि। रस चंद्रोदय नामक ग्रंथ के लिए ख्यात।

डिंगल भाषा के श्रेष्ठ कवि। वीर रस से ओत-प्रोत काव्य के लिए उल्लेखनीय।

नई पीढ़ी की कवयित्री।

आधुनिक हिंदी कविता के प्रमुख कवि और कथाकार। अपने जनवादी विचारों के लिए प्रसिद्ध। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

समादृत कवि-लेखक। भारतीय ज्ञानपीठ से सम्मानित।

भक्तिकाल और रीतिकाल के संधि कवि। काव्यांग निरूपण, उक्ति-वैचित्र्य और अलंकारप्रियता के लिए स्मरणीय। काव्य- संसार में ‘कठिन काव्य के प्रेत’ के रूप में प्रसिद्ध।

द्विवेदीयुगीन निबंधकार और अनुरचनाकर। विदेशी व्यक्तित्वों के जीवनी-लेखक के रूप में भी योगदान।

नवें दशक के महत्त्वपूर्ण कवि। लोक-संवेदना और जन-सरोकारों के लिए उल्लेखनीय। जनवादी लेखक संघ से संबद्ध।

भक्तिकाल के संत कवि।

अज्ञेय द्वारा संपादित ‘तीसरा सप्तक’ की कवयित्री। प्रसिद्ध साहित्यकार अजित कुमार की बहन।

प्रसिद्ध गीतकार।

बुंदेलखंड में फागों के लिए चर्चित कवि।

हिंदी-काव्यशास्त्र के पहले रचनाकार के रूप में समादृत। सरस, भावपूर्ण और परिमार्जित भाषा के लिए स्मरणीय।

रीतिकाल के नीतिकवि। हिंदी के पहले संबोधन काव्य के रचयिता। 'राजिया' को संबोधित सोरठों के लिए समादृत।

रीतिकालीन कवि। वीरकाव्य के रचयिता।

सुपरिचित कवि और गद्यकार। ‘एक शराबी की सूक्तियाँ’ के लिए लोकप्रिय।

नवें दशक में सामने आए हिंदी कवि। मैथिली में भी लेखन।

पुष्टिमार्गीय वल्लभ संप्रदाय के अष्टछाप कवियों में से एक। गोस्वामी वल्लभदास के शिष्य। राधा-कृष्ण की शृंगार-भावना से सिक्त पदों के लिए विख्यात।

आठवें दशक के कवि। अनौपचारिक रूप से जन संस्कृति मंच से संबद्ध रहे।

समय : 10वीं सदी। चर्पटीनाथ के शिष्य और बौद्ध धर्म की वज्रयान शाखा के महत्त्वपूर्ण कवि।

सुपरिचित कवि-पत्रकार। 'बिन जिया जीवन' शीर्षक से कविताओं की एक किताब प्रकाशित।

नई पीढ़ी के लेखक और पत्रकार।

रीतिकालीन कवि। साहित्य शास्त्र के प्रौढ़ निरूपण के लिए विख्यात।

हिंदी के सुपरिचित कवि-लेखक। भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार से सम्मानित।

सुपरिचित कवि-लेखक और संपादक। भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार और साहित्य अकादेमी के युवा पुरस्कार से सम्मानित।

सुपरिचित कवि-समीक्षक और पत्रकार।

हिंदी के अत्यंत लोकप्रिय कवि-गीतकार।

रीतिकालीन आचार्य कवि। काव्यांग विवेचन और नायिकाभेद के लिए स्मरणीय।

कृष्णभक्त कवि। पुष्टिमार्गीय वल्लभ संप्रदाय के अष्टछाप कवियों में से एक। गोस्वामी वल्लभदास के शिष्य। मधुर भाव की भक्ति के लिए स्मरणीय।

लोकप्रिय गीतकार। काव्य की लगभग सभी विधाओं में सक्रिय।

समादृत कवि-आलोचक और अनुवादक। भारतीय ज्ञानपीठ से सम्मानित।

नई पीढ़ी के कवि-लेखक।

साहित्य की प्रेमाख्यान परंपरा के कवि। लोक कंठ में व्याप्त 'ढोला-मारू रा दूहा' प्रसिद्धि का आधार ग्रंथ।

चिश्ती संप्रदाय के संत शेख़ बुरहान के शिष्य। जौनपुर के बादशाह हुसैनशाह के आश्रित। प्रेम में त्याग और कष्टों के सुंदर वर्णन के लिए उल्लेखनीय।

भक्तिकाल के अलक्षित कवि।