शम्स तबरेज़ के उद्धरण

जब तू बुद्धि को अपना पथ-प्रदर्शक मानता है, उस समय तू यह नहीं विचार करता कि तू पूर्ण है और तुझमें व तेरे अंश बुद्धि में अंतर है।
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यह जो सब कुछ है वह नाशवान है। ईश्वर के अतिरिक्त जितने नाम हैं, वे सब नष्ट होने वाले हैं।
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हर वह मनुष्य जिसके हृदय में कोई संदेह नहीं है, वह यह बात पूर्ण रूप से समझ लेगा, कि एक हस्ती के अतिरिक्त अन्य कोई नहीं है।
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तू मूल है जिससे सबकी उत्पत्ति होती है। तू वह इकाई है कि जिससे समूह बनता है।
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संबंधित विषय : जीवन
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