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पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी

1894 - 1971 | राजनाँदगाँव, छत्तीसगढ़

द्विवेदीयुगीन निबंधकार। ‘सरस्वती’ पत्रिका के संपादन और आलोचना में भी योगदान।

द्विवेदीयुगीन निबंधकार। ‘सरस्वती’ पत्रिका के संपादन और आलोचना में भी योगदान।

पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी के उद्धरण

आजकल समता का सिद्धांत जो प्रचलित हो रहा है, उससका आधार प्रेम नहीं, यही संपत्ति और प्रभुत्व है। वैज्ञानिकों के ज्ञान और नीतिज्ञों की नीति—दोनों का लक्ष्य इसी सपत्ति और प्रभुत्व की वृद्धि है। उसी के कारण जीवन में संघर्ष है और देश में युद्ध है।

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