Font by Mehr Nastaliq Web

यौवन पर कविताएँ

यौवन या जवानी बाल्यावस्था

के बाद की अवस्था है, जिसे जीवनकाल का आरंभिक उत्कर्ष माना जाता है। इसे बल, साहस, उमंग, निर्भीकता के प्रतीक रूप में देखा जाता है। प्रस्तुत चयन में यौवन पर बल रखती काव्य-अभिव्यक्तियों को शामिल किया गया है।

अगर तुम युवा हो

शशिप्रकाश

शिल्पी

बेबी शॉ

उसकी बात

अंचित

आशीर्वाद

ज्ञानेंद्रपति

जवान हो चुकी है दुनिया

अष्टभुजा शुक्‍ल

ओ स्वप्नों के संसार विदा!

गुरुभक्तसिंह भक्त

उत्तरगाथा

अशोक वाजपेयी

ख़तरनाक दौर के युवा

गुलज़ार हुसैन

यौवन

अजीत रायज़ादा

सोलह की उम्र

हरीशचंद्र पांडे

हिन्दवी उत्सव 2026

रजिस्टर कीजिए