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तस्वीर पर बेला

तस्वीर किसी व्यक्ति,

वस्तु या दृश्य के अक्स के रूप में प्रेक्षक के अंदर विभिन्न भावों को जन्म देती है और यही कारण है कि वह कभी अपनी वस्तुगत उपस्थिति में तो कभी किसी गुज़र चुके पल के रूपक में कविता के इस्तेमाल का निमित्त बनती रही है।

12 सितम्बर 2026

80 के दशक के रेट्रो लुक से स्मृति और नॉस्टेल्जिया तक

80 के दशक के रेट्रो लुक से स्मृति और नॉस्टेल्जिया तक

यह बात मान लेनी चाहिए कि हम अपने अतीत से कितना स्नेह रखते हैं। हम वहाँ सुखद अनुभूति करते हैं, सुरक्षित महसूस करते हैं। अतीत हमारे वर्तमान की ख़ाली जगहों को भरता है। वह बार-बार याद आता है, बावजूद इसके

02 मई 2026

शनिवारेर चिट्ठी : छाया और छायेच्छाएँ

शनिवारेर चिट्ठी : छाया और छायेच्छाएँ

छायालीन यह दृश्य है या एक ठहरा हुआ उच्चारण! जैसे समय ने अपनी जीभ बाहर निकाल शब्द को अधूरा छोड़ दिया हो। क्षितिज पर शहर कोई ठोस आकृति नहीं, धुंध का अभ्यास है। वह अपने होने को सिद्ध नहीं करता, संकेत

17 फरवरी 2026

पत्र : प्रकाश के साक्षी सेबास्टिओं सालगाडो के नाम

पत्र : प्रकाश के साक्षी सेबास्टिओं सालगाडो के नाम

प्रिय सेबास्टिओं, प्रेरणा के अमिट स्रोत शांति और सामंजस्य के दूत विविधता के उपासक, प्रकृति के अद्भुत सहचर आज से 12 साल पहले मेरे एक फ़ोटोग्राफ़र मित्र अमन ने मुझे तुम्हारे बारे में बताया था।