घाम-पानी : बैकपैकर्स की मास्टरक्लास : कहाँ तलाशे ठौर-ठिकाना
कल्पना कीजिए कि आप 15वीं शताब्दी में जी रहे हों, साल हो 1453… वहाँ उस समय अभी कुस्तुन्तुनिया [Constantinople] में तुर्कों का क़ब्ज़ा हो गया हो, माने लगभग 1000 सालों बाद आज के इस्तांबुल में पूर्वी रोमन
21 अक्तूबर 2026
घाम-पानी : ‘ग्रीन बूट्स’ का मिथक : पालजोर और दोरजे मोरुप
यात्राओं के दौरान किसी स्थान-विशेष तक पहुँचने के लिए लैंडमार्क काफ़ी काम आते हैं। अपने पते पर पहुँचने से पहले आप उसके लैंडमार्क तक पहुँचते हैं। शहरों और बस्तियों में यह कोई पीढ़ियों पुराना पीपल, पाकड
07 अक्तूबर 2026
घाम-पानी : घोस्ट ऑफ़ एवरेस्ट : मैलोरी और इरविन की अधूरी यात्रा!
सबसे पहला सवाल जो आप मुझसे पूछेंगे और जिसका जवाब देने की मैं कोशिश भी करूँगा, वह है—“आख़िर एवरेस्ट पर चढ़ने का फ़ायदा क्या है?” और मेरा जवाब होगा—“कोई फ़ायदा नहीं।” मुझे इससे किसी भी तरह के लाभ की
23 सितम्बर 2026
घाम-पानी : नाम्चे बाज़ार का जादुई शनिवार
मैं नाम्चे बाज़ार में हूँ... क्यों हूँ! यह बताने के मायने कुछ नहीं निकलेंगे। बस इतना ही कहना काफ़ी होगा कि मैं नाम्चे बाज़ार में हूँ... क्योंकि मुझे यहाँ होना होगा। ठीक वैसे ही जैसे ‘Yesterday’ फ़िल्