कवियों की सूची

सैकड़ों कवियों की चयनित कविताएँ

मराठी भाषा के सुप्रतिष्ठित कवि। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

सुपरिचित कन्नड़ उपन्यासकार-कथाकार-कवि।

असमिया के सुप्रसिद्ध उपन्यासकार-कवि। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

भक्तिकाल। रामभक्त कवि। अग्रदास के शिष्य। 'भक्तमाल' ग्रंथ कीर्ति का आधार ग्रंथ।

आधुनिक हिंदी कविता के प्रमुख कवि और कथाकार। अपने जनवादी विचारों के लिए प्रसिद्ध। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

आधुनिक काल के महत्त्वपूर्ण आलोचक, चिंतन-प्रधान निबंधकार और संपादक। हिंदी साहित्य के अद्यतन इतिहास के संपादन के लिए भी उल्लेखनीय।

किशनगढ़ (राजस्थान) नरेश। प्रेम, भक्ति और वैराग्य की साथ नखशिख की सरस रचनाओं के लिए ख्यात।

सुपरिचित गुजराती कवि-कथाकार-समालोचक।

समादृत कवि-आलोचक। ‘नकेनवाद’ आंदोलन के तीन सूत्रधारों में से एक।

सुप्रसिद्ध असमिया कवि और समालोचक। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

बिसोवा खेचर के शिष्य और वारकरी संप्रदाय के प्रमुख संत। सगुण-निर्गुण में अभेद स्थापित करते हुए सैकड़ों अभंग पदों के रचनाकार।

प्रसिद्ध मराठी कवि, लेखक और अधिकार कार्यकर्ता। ‘दलित पैंथर’ की स्थापना के लिए उल्लेखनीय।

अत्यंत समादृत भारतीय लेखक। हिंदी आलोचना के शीर्षस्थ आलोचक। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

सुप्रसिद्ध हिंदी-राजस्थानी कवि-लेखक और संपादक। ‘आशा बलवती है राजन्’ सहित कविता और गद्य की कई किताबें प्रकाशित।

पुष्टिमार्गीय वल्लभ संप्रदाय के अष्टछाप कवियों में से एक। गोस्वामी विट्ठलदास के शिष्य। पदों के शिल्प-वैशिष्ट्य के कारण प्रसिद्ध।

‘कामगार कवि’ के रूप में लोकप्रिय वरिष्ठ मराठी कवि।

कृष्ण-भक्ति के संत कवि। सुकोमल भाषा और विलक्षण भाव-वर्णन के लिए स्मरणीय।

सूफ़ी कवि। राजस्थानी मिश्रित ब्रजभाषा का प्रयोग।

नई पीढ़ी से संबद्ध कवि-लेखक और कलाकार।

समादृत बांग्ला कवि-लेखक-अनुवादक। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

सुपरिचित कवि-लेखक। सात कविता-संग्रह प्रकाशित।

नवें दशक में उभरे कवि। लोकधर्मी चेतना से संपन्न।

सुविख्यात कवि-गीतकार और संपादक। सिनेमा के लिए लिखे गए गीतों के लिए भी चर्चित।

सुपरिचित कवि। कविताओं की एक दर्जन से अधिक पुस्तकें प्रकाशित।

चर्चित कवि-लेखक। आलोचना और संपादन में भी सक्रिय।

सातवें दशक के कवि। कहन में संक्षिप्तता, स्मृति और कविता-पाठ के लिए उल्लेखनीय।

कृष्ण-भक्त कवि। सरस और हृदयग्राहिणी रचना ‘सुदामा चरित’ प्रसिद्धि का आधार-ग्रंथ।

अजमेर के राजा विग्रहराज चतुर्थ के राजकवि। वीरगीत के रूप में सबसे पहली कृति 'बीसलदेव रासो' के रचयिता।

नई पीढ़ी की कवयित्री। 'बचा रहे सब' शीर्षक से एक कविता-संग्रह प्रकाशित।

आधुनिक खड़ी बोली के प्रारंभिक कवियों में से एक। बहुभाषी। 'गर्भरंडा रहस्य' नामक कृति से चर्चित।

नवें दशक में उभरे कवि। कथा-लेखन और संपादन में भी सक्रिय।

बांग्ला के सुप्रसिद्ध उपन्यासकार और कवि। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

हिंदी के अत्यंत उल्लेखनीय कवि-कथाकार।

दलित-संवेदना और सरोकारों के लिए उल्लेखनीय कवि-कथाकार।

नई पीढ़ी से संबद्ध कवि-लेखक और पत्रकार।

हिंदी और राजस्थानी में निरतंर सृजन। कई पुस्तकें प्रकाशित। 'जब भी देह होती हूँ' नवीनतम कविता-संग्रह।

भारतेंदु युगीन कवि। पुरानी परिपाटी के लेखन में सक्रिय होने के साथ-साथ भाषा की नवीन गति के प्रवर्तन में भी भागीदार।

नई पीढ़ी की लेखिका।

सुपरिचित कवि-आलोचक।

आठवें दशक के कवि-लेखक और संपादक। संस्मरण-लेखन और अनुवाद-कार्य के लिए भी उल्लेखनीय।

सुपरिचित कथाकार। कहानी-संग्रह 'परिंदों का इंतज़ार सा कुछ' के लिए चर्चित।

नवें दशक की महत्त्वपूर्ण कवयित्री। ‘एक क़स्बे के नोट्स’ शीर्षक उपन्यास के लिए उल्लेखनीय। भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार से सम्मानित

इस सदी में सामने आए कवि। ‘अनाज पकने का समय’ शीर्षक कविता-संग्रह के लिए चर्चित।

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