आदित्य कुमार के बेला
पत्र : दिल्ली के लिए : तुम पहले जैसी हो जाओ
प्यारी दिल्ली, कैसी हो? माफ़ करना महीनों बाद तुम्हें ख़त लिख रहा हूँ। आजकल ना चाहते हुए भी तुम्हारा नाम ज़बान पर आ जाता है। देश में क्या हो रहा है, यह तुमसे छिपा नहीं है; फिर भी संक्षेप में अगर
किरीस का गाना सुनेगा! ले बेटा...
21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा समाप्त हो चुका है। सरकारी आँकड़ों की मानें तो हम आधुनिकता के आगे निकल चुके हैं। यानी उत्तराधुनिकता में प्रवेश कर चुके हैं, जिसके कई उदाहरण हमें दिखाई देते हैं। इनमें से ए