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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

माँ होने से पहले एक स्त्री

 

घर से निकलकर अगर पेड़-पौधों पर नज़र दौड़ाई जाए तो क्या इनके इतिहास का पता लगाया जा सकता है? ये अचानक यहाँ आकर तो खड़े नहीं हुए। इनके जन्म, वृद्धि और विकास की भी अपनी कहानी है, जिसे स्पष्टतः कोई नहीं ज

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09 सितम्बर 2026

आज का उद्धरण

कवि कह गया है

हर प्रकाशित पंक्ति साहित्य नहीं होती, बल्कि सच्चाई यह है कि हर युग में अधिकांश साहित्य ‘पेरिफ़ेरी’ का साहित्य होता है जो सिर्फ़ छपता चला जाता है।

आज का रचनाकार

रचनाकार का समय और समय का रचनाकार

Sujata

Sujata

دلی
1978

सुपरिचित कवयित्री-कथाकार और अनुवादक। स्त्रीवादी विचारों के लिए उल्लेखनीय।

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