आज का उद्धरण

कवि कह गया है

विचार और कलात्मकता के संतुलन पर ही आधुनिक कवि की सफलता या असफलता, शक्ति या दुर्बलता निर्भर करती है।

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आज का रचनाकार

रचनाकार का समय और समय का रचनाकार

Pratapnarayan Mishra

भारतेंदु युग के महत्त्वपूर्ण कवि, गद्यकार और संपादक। 'ब्राह्मण' पत्रिका से चर्चित।

और जानिए

छंद छंद पर कुमकुम

छंद प्रबंध विविध विधाना

आज की कविता

कविता अब भी संभावना है

dinadyal daya karie

nij haathan sarvasu khoy chuke kaha.n lau dukh pai dukh hii bhariye।

ham aarat bhaaratvaasin pai ab diinadyaal daya kariye||

nij haathan sarvasu khoy chuke kaha.n lau dukh pai dukh hii bhariye।

ham aarat bhaaratvaasin pai ab diinadyaal daya kariye||

Pratapnarayan Mishra

सुनी हुई चुनी हुई

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