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विलास पर कवित्त

विलास सुखभोग या आनंदमय

क्रीड़ा है। संयोग के समय प्रकट हाव-भाव अथवा प्रेमसूचक क्रियाएँ भी विलास मानी जाती हैं। किसी अंग की मनोहर चेष्टा को उस अंग से संबद्ध विलास के रूप में प्रकट किया जाता है। प्रस्तुत है विलास के विषय पर विभिन्न काव्यरूपों से एक चयन।

कास को विकास औ निवास भो प्रकाशमान

पंडित भैरवप्रसाद वाजपेयी 'विशाल'

हिन्दवी उत्सव 2026

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