19 सितम्बर 2026
शनिवारेर चिट्ठी : चीज़ें और चीज़ें
चीज़ें पीतल फ़्रेम का पुराना आईना। लकड़ी की चरमराती कुर्सी। स्ट्राइप्ड कुशंस। रंग उड़ा हुआ फ़ारसी रग। हाथ से बुना मैक्रमे। दीवार पर टँगा पुराना नक़्शा। कुछ मोनोक्रोम फ़ोटोग्राफ़। कवि तादेऊष रूज़ेविच
04 जून 2025
'संतोष' और बॉलीवुड का दलित सिनेमा
सिनेमा एक दर्पण है, जिसके माध्यम से हम अक्सर ख़ुद को देखते हैं। — एलेजांद्रो गोंज़ालेज़ इनारितु साहित्य समाज का दर्पण है—बचपन में इस विषय पर निबंध लिखते हुए पता नहीं था कि एक दिन सिनेमा भी समा