कवियों की सूची

सैकड़ों कवियों की चयनित कविताएँ

आदि कवि। जन्म : 780 ई. के आस-पास। सरहपा के शिष्य। माया-मोह के विरोधी और सहज जीवन के साधक।

नई पीढ़ी के कवि। गद्य-लेखन में भी सक्रिय।

सुपरिचित कवयित्री।

संक्षिप्तता के लिए उल्लेखनीय कवि। वर्ष 1997 से चित्रकला में भी सार्थक हस्तक्षेप।

नई पीढ़ी के कवि। कला और सिनेमा के संसार से संबद्ध।

हिंदी के सुपरिचित कवि-कथाकार।

अज्ञेय द्वारा संपादित ‘दूसरा सप्तक’ की कवयित्री। प्रसिद्ध कवि गिरिजा कुमार माथुर की जीवन-संगिनी।

समादृत कवि। क्रांतिकारी विचारों के लिए उल्लेखनीय।

समय : 13वीं सदी। जैन कवि। गणपतिचंद्र गुप्त के अनुसार हिंदी के प्रथम कवि। अनेक कृतियों से रास-काव्य-परंपरा को समृद्ध किया।

भक्ति की सरस फागों के लिए स्मरणीय।

रीतिकालीन अलक्षित कवि।

‘नया एक आख्यान’ शीर्षक कविता-संग्रह के कवि। लोक-संवेदना के लिए उल्लेखनीय।

सुचर्चित गीतकार और संपादक।

समादृत कवि-गद्यकार और अनुवादक। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

‘तू ज़िंदा है तो ज़िंदगी की जीत में यक़ीन कर...’ के रचयिता और लोकप्रिय गीतकार। सिनेमा और प्रगतिशील आंदोलन से संबद्ध।

नई पीढ़ी से संबद्ध कवि-लेखक।

दलित-स्त्री-विमर्श की प्रतिनिधि कवयित्री-लेखिका।

‘तय तो यही हुआ था’ शीर्षक कविता-संग्रह के कवि। कम आयु में दिवंगत। मरणोपरांत भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार से सम्मानित।

सुपरिचित कवि।

नई पीढ़ी के कवि-लेखक।

‘एक ख़त जो किसी ने लिखा भी नहीं’ शीर्षक गीत के सुपरिचित गीतकार। कवि-सम्मेलनों में लोकप्रिय रहे।

नई पीढ़ी के सुपरिचित कवि-गद्यकार।

सुपरिचित कवि-लेखक। दलित-संवेदना और सरोकारों के लिए उल्लेखनीय।

हिंदी की प्रगतिशील और जनवादी धारा के कवि-गीतकार और कार्यकर्ता।

सुपरिचित कवि और गद्यकार। भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार से सम्मानित।

सुपरिचित कवि-आलोचक। ‘पृथ्वी पर एक जगह’ शीर्षक कविता-संग्रह उल्लेखनीय।

बुंदेली फागों के कवि।

धीमे-धीमे, लेकिन अपनी धुन में रहने-रचने वाले हिंदी के अनूठे कवि-लेखक-कलाकार।

छायावाद से संबद्ध कवि-लेखक। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

भक्ति के सरस पदों के लिए स्मरणीय।

श्रीहित हरिवंश की शिष्य-परंपरा के कला-कुशल और साहित्य-मर्मज्ञ भक्त कवि।

वृंदाविपिन विलासी राधा और कृष्ण के उपासक निंबार्क संप्रदाय के महत्त्वपूर्ण कवि।

द्विवेदी युग के कवि-अनुवादक। स्वच्छंद काव्य-धारा के प्रवर्तक।

समादृत कवि-कथाकार-अनुवादक और संपादक। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

हिंदी के समादृत कवि-कथाकार और आलोचक। भारतीय ज्ञानपीठ से सम्मानित।

रीतिकालीन कवि। सर्वांग निरूपक। पावस-ऋतु-वर्णन के लिए उल्लेखनीय।

सुपरिचित कवि-लेखक और संपादक।

अज्ञेय द्वारा संपादित ‘चौथा सप्तक’ के कवि।

सुपरिचित कवि। एक कविता-संग्रह 'कविता के बहाने' प्रकाशित।

नई पीढ़ी की चर्चित कवयित्री। भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार से सम्मानित।

सुपरिचित कवि-उपन्यासकार और अनुवादक।