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लुई सरनूदा के लिए इंग्लैंड में दक्खिनी हवा की तलाश

lui sarnuda ke liye inglainD mein dakkhini hava ki talash

रफ़ाइल अलबर्ती

रफ़ाइल अलबर्ती

लुई सरनूदा के लिए इंग्लैंड में दक्खिनी हवा की तलाश

रफ़ाइल अलबर्ती

और अधिकरफ़ाइल अलबर्ती

    मान लो एक दिन हवा ख़ुद से कहे 
    मैं ऊब गई हूँ अपने ही नाम से 
    अब तो गुलाब की सिहरन 
    नदी की महीन सलवटों 
    समुद्र के गौरवपूर्ण प्रवाह 
    और पाल में पड़ते ख़ूबसूरत गड्डों पर भी मैं
    अपने हस्ताक्षर करना नहीं चाहती

    मैं उन उनींदी तहों से उठती हूँ 
    जो नींद का घर है 
    अंगूर की लटकती लताओं से गुज़रती 
    मीनारों की अंधी मेहराबदार खिड़कियों से 
    चुपके खिसक लेती हूँ
    और फिर स्वयं झीनापन बन 
    घुमावदार सड़कों से होकर 
    दरवाज़ों से घायल और लहूलुहान, प्रवेश करती हूँ 
    उन लंबे सभागृहों में
    जो हरे-हरे आँगनों में खुलते हैं

    वहाँ उछलता पानी 
    मुझे मेरी आकांक्षाओं की याद दिलाता है 
    मैं खोजती हूँ
    ढूँढ़ती हूँ अपने लिए एक नाम
    पता नहीं कैसे
    क्या कहीं कोई झोंका कोई साँस ऐसी नहीं 
    जो मेरा नामकरण कर दे 
    और भी अधिक थककर 
    मैं अब तलाश रही हूँ एक निशान 
    उस वस्तु या व्यक्ति का, जो मेरी जगह ले ले 
    मेरी तरह हो
    मेरी ही तरह चीज़ों की स्मृति में रहता हो 
    पालने और उसके गीतों से पुलकित 
    उसी तड़प उसी साँस में सहे 
    जो जीवन की उस पहली सुबह मेरी थी 
    जब प्रकाश ने मुझसे कहा था : उड़ चलो 
    तुम तो हवा हो

    मान लो एक दिन हवा ख़ुद से कहे?
    स्रोत :
    • पुस्तक : पुनर्वसु (पृष्ठ 85)
    • संपादक : अशोक वाजपेयी
    • रचनाकार : रफ़ाइल अलबर्ती
    • प्रकाशन : राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली
    • संस्करण : 1989
    हिंदी क्षेत्र की भाषाओं-बोलियों का व्यापक शब्दकोश : हिन्दवी डिक्शनरी

    हिंदी क्षेत्र की भाषाओं-बोलियों का व्यापक शब्दकोश : हिन्दवी डिक्शनरी

    ‘हिन्दवी डिक्शनरी’ हिंदी और हिंदी क्षेत्र की भाषाओं-बोलियों के शब्दों का व्यापक संग्रह है। इसमें अंगिका, अवधी, कन्नौजी, कुमाउँनी, गढ़वाली, बघेली, बज्जिका, बुंदेली, ब्रज, भोजपुरी, मगही, मैथिली और मालवी शामिल हैं। इस शब्दकोश में शब्दों के विस्तृत अर्थ, पर्यायवाची, विलोम, कहावतें और मुहावरे उपलब्ध हैं।

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