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सैयाँ बिना नींदों ना आवे

saiyan bina nindon na aave

अज्ञात

अज्ञात

सैयाँ बिना नींदों ना आवे

अज्ञात

और अधिकअज्ञात

    लाल लाल रंगवा से घरवा सजवनी,

    लमहर-लमहर पटिया से पलंगिया डसवलीं

    अतने में आगइल देवरवा,

    सैयाँ बिना नींदो ना आवे॥ सैयाँ बिना…

    हँसत बोलत देवरवा के भगवनीं

    एतने में आगइल ननदिया,

    सैयाँ बिना नींदो ना आवे॥ सैयाँ बिना…

    टोकत झोंकत ननदिया के ठरकवनी

    अतने में बोलालेस ससुइया,

    सैयाँ बिना नींदो ना आवे॥ सैयाँ बिना…

    हथवा-गोड़वा दाब के ससुइया के सुतवनीं

    अतने में उठ गइल बलकवा,

    सैयाँ बिना नींदो ना आवे॥ सैयाँ बिना…

    दुलारत-पुचकारत बलकवा के सुतवनीं

    अतने में सुत गइल बलमुआँ,

    सैयाँ बिना नींदो ना आवे॥ सैयाँ बिना…

    खोतद खादत सैयाँ के उठवनीं

    अतने में बोल देलक मुरगवा,

    सैयाँ बिना नींदो ना आवे॥ सैयाँ बिना…

    स्रोत :
    • पुस्तक : भोजपुरी के रसगर गीत (पृष्ठ 7)
    • संपादक : तुलसीदास
    • प्रकाशन : लोक साहित्य संगम, बिहिया, भोजपुर, बिहार

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