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किसान देवता

kisan devta

हमरी गउवां में बसेलऽ किसान देवता।

केतना मनवा के साफ इनसान देवता॥

खेत खरिहनवां में तोहरो ठिकनवां।

धोती कुर्ता मथवा पर पगड़ी निसनवां॥

हरदम बदरा देखेलऽ आसमान देवता॥

हमरी गउवां...

धोती, कुर्ता तन, माथे बान्हेलऽ पगरिया।

कटि जाला जाड़ ओढ़ि एकही चदरिया॥

तोहार गुन करीं केतना बखान देवता।

हमरी गउवां...

धूप गर्मी जाड़ा बरसात नाही देखऽ।

दिन नाही देखऽ तू राति नाही देखऽ॥

तोहके मेहनति मिललऽ वरदान देवता॥

हमरी...

अन्न उपजाइ भरि देलऽ तू बखरिया।

गउवां से गेहूंआ तू भेजेलऽ शहरिया।

हउव देशवा के हमरी तू शान देवता।

हमरी...

दूध दही के तूही नदिया बहावेलऽ।

खेतवा में अनजा तूही उपजावेलऽ॥

तोहार सबसे अलग पहिचान देवता।

हमरी...

सिमवा पर डटल रहे तोहरे ललनवां।

देशवा की खातिर लुटावेने परनवां॥

नाही केहू से तोहार कम मान देवता।

हमरी गउवां के...

स्रोत :
  • पुस्तक : गँउवा के माटी अनमोल (पृष्ठ 43)
  • रचनाकार : रामबहादुर ‘अधीर पिण्डवी’
  • प्रकाशन : अखिल भारतीय भोजपुरी समाज, गोमतीनगर, लखनऊ
  • संस्करण : 2010

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