वह मैं ही थी
जब भी उमा को वह औरत याद आती, एक ख़ौफ़ उसके वजूद पर तारी हो जाता। वह औरत, जो उसी कमरे में पलंग पर बच्चा पैदा करते मर गई थी, जिस पर आजकल उसे लेटना पड़ता था। कई बार सोचती थी, अपना बिस्तर उठाकर दूसरे कमरे में ले जाए और फ़र्श पर बिछाकर सो रहे। पर अपने ख़ौफ़