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लोकतंत्र पर दोहे

लोकतंत्र जनता द्वारा,

जनता के लिए, जनता का शासन है। लोकतंत्र के गुण-दोष आधुनिक समय के प्रमुख विमर्श-विषय रहे हैं और इस संवाद में कविता ने भी योगदान किया है। प्रस्तुत चयन ऐसी ही कविताओं का है।

जनता ने राजा चुना

नया बनाया तंत्र।

बाँबी में तू हाथ दे

मैं पढ़ता हूँ मंत्र॥

जीवन सिंह

रैयत सब राज़ी रहै, मेटन राउत मान।

आमद घटै राय की, ऐसे करै प्रधान॥

जसुराम

हिन्दवी उत्सव 2026

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