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पराजय पर बेला

जीवन-प्रसंगों में जय-पराजय

मनुष्य के प्रमुख मनोभावों में से एक है। यह किसी के हर्ष तो किसी के लिए विषाद का विषय है। यहाँ प्रस्तुत चयन में उन कविताओं का संकलन किया गया है, जिनमें ‘हार की जीत’ और ‘जीत की हार’ रेखांकित है।

10 मई 2026

रविवासरीय 4.0 : रचनागत द्वंद्व और हार का संसार

रविवासरीय 4.0 : रचनागत द्वंद्व और हार का संसार

• आज से लगभग सात बरस पहले जब 17वीं लोकसभा के लिए मतदान शुरू होने में कुछ ही दिन बाक़ी रह गए थे—1 अप्रैल 2019 को हिंदी-अँग्रेज़ी सहित भारतीय भाषाओं के 200 लेखकों ने भारतीय नागरिकों के नाम एक संयुक्त अपी