मांस जला हड्डी बची, राख बची शमशान।
भूल गए अपने सभी, कर्म बची पहचान॥
छोड़ बुराई नेक बन, पाप करे शैतान।
स्वर्ग नर्क सब कर्म से, तेरे हैं इंसान॥
मांस जला हड्डी बची, राख बची शमशान।
भूल गए अपने सभी, कर्म बची पहचान॥
छोड़ बुराई नेक बन, पाप करे शैतान।
स्वर्ग नर्क सब कर्म से, तेरे हैं इंसान॥