लोकमान्य के चरणों में
आज का नैमित्तिक धर्म लोकमान्य का पुण्य-स्मरण है। आज तिलक की पुण्य तिथि है।
1920 में तिलक शरीर-रूप से हमारे अंदर नही रहे। उस समय मैं बंबई गया था। चार-पाँच दिन पहले ही पहुँचा था, परंतु डॉक्टर ने कहा, 'अभी कोई डर नहीं है।' इसलिए में एक काम से साबरमती