घोर अंधकार में जिस प्रकार दीपक का प्रकाश सुशोभित होता है उसी प्रकार दुःख का अनुभव कर लेने पर सुख का आगमन आनंदप्रद होता है किंतु जो मनुष्य सुख भोग लेने के पश्चात् निर्धन होता है वह शरीर धारण करते हुए भी मृतक के समान जीवित रहता है।
शेयर
पुरुषों को देखकर उसके पास धरोहर रखी जाती है, घरों को देखकर नहीं।
शेयर
भाग्यक्रम से धन आता और जाता है।
शेयर
मरने में अल्प दुख है किंतु दरिद्रता से अनन्त दुख होता है।
You have exhausted your 5 free content pages. Register and enjoy UNLIMITED access to the whole universe of Urdu Poetry, Rare Books, Language Learning, Sufi Mysticism, and more.