रामविलास शर्मा के उद्धरण

आध्यात्मिक भोजन के लिए भी भारत के लोग जिस दिन अंग्रेज़ी का मुँह देखेंगे, उस दिन उनके डूब मरने के लिए चुल्लू भर पानी काफ़ी होगा। अंग्रेज़ी सीखिए-सिखाइए लेकिन उसे विश्वविद्यालयों में शिक्षा का माध्यम क्यों बनाते हैं?
-
शेयर
- सुझाव
- प्रतिक्रिया

अँग्रेज़ी में कुछ सीखना एक बात है, अँग्रेज़ी को अपने सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यो का माध्यम बना लेना दूसरी बात है। जापानियों, चीनियों आदि ने अँग्रेज़ी से सीखा है, लेकिन अपनी भाषाओं के कद अविकसित मानकर उन्होंने अँग्रेज़ी को राजभाषा नहीं बनाया।
-
संबंधित विषय : भाषा
-
शेयर
- सुझाव
- प्रतिक्रिया