Font by Mehr Nastaliq Web
noImage

महालिंग शास्त्री

1868

नवजागरण काल के समादृत संस्कृत कवि-लेखक। किंकिणीमाला, भ्रमरसंदेश, वनलता आदि कृतियों के रचनाकार।

नवजागरण काल के समादृत संस्कृत कवि-लेखक। किंकिणीमाला, भ्रमरसंदेश, वनलता आदि कृतियों के रचनाकार।

Recitation