Font by Mehr Nastaliq Web
Jaun Elia's Photo'

जौन एलिया

1931 - 2002 | अमरोहा, उत्तर प्रदेश

पाकिस्तान के लोकप्रिय उर्दू शायर। इश्क़, दर्द, तल्ख़ हक़ीक़त, बेबाक-बाग़ी लहजे और फ़लसफे के लिए उल्लेखनीय।

पाकिस्तान के लोकप्रिय उर्दू शायर। इश्क़, दर्द, तल्ख़ हक़ीक़त, बेबाक-बाग़ी लहजे और फ़लसफे के लिए उल्लेखनीय।

जौन एलिया की संपूर्ण रचनाएँ

उद्धरण 16

तुम्हारा हर काम और हर खेल मग़रिबी (पश्चिमी) है, तुम हारे तो क्या और जीते तो क्या! बल्कि दुःख तो ये है कि तुम उनकी नक़ल उतारने में कभी-कभी जीत भी जाते हो।

  • शेयर

एक शख़्स अपनी ख़ुशी के लिए दूसरे का दिल दुखाता है।

  • शेयर

मैं भी बहुत अजीब हूँ, इतना अजीब हूँ कि बस, ख़ुद को तबाह कर लिया और मलाल भी नहीं।

  • शेयर

इस समाज में जो आदमी बुरा नहीं है वो बेवक़ूफ़ है।

  • शेयर

एक इंसान दूसरे इंसान से मायूस हो सकता है, लेकिन इंसानियत से मायूस नहीं होना चाहिए।

  • शेयर

Recitation

हिन्दवी उत्सव 2026

रजिस्टर कीजिए