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हस्तक्षेप

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श्रीकांत वर्मा

श्रीकांत वर्मा

हस्तक्षेप

श्रीकांत वर्मा

नोट

प्रस्तुत पाठ एनसीईआरटी की कक्षा ग्यारहवीं के पाठ्यक्रम में शामिल है।

कोई छींकता तक नहीं

इस डर से

कि मगध की शांति

भंग हो जाए,

मगध को बनाए है, तो,

मगध में शांति

रहनी ही चाहिए

मगध है, तो शांति है

कोई चीख़ता तक नहीं

इस डर से

कि मगध की व्यवस्था में

दख़ल पड़ जाए

मगध में व्यवस्था रहनी ही चाहिए

मगध में रही

तो कहाँ रहेगी?

क्या कहेंगे लोग?

लोगों का क्या?

लोग तो यह भी कहते हैं

मगध अब कहने को मगध है,

रहने को नहीं

कोई टोकता तक नहीं

इस डर से

कि मगध में

टोकने का रिवाज बन जाए

एक बार शुरू होने पर

कहीं नहीं रुकता हस्तक्षेप—

वैसे तो मगधवासियों

कितना भी कतराओ

तुम बच नहीं सकते हस्तक्षेप से—

जब कोई नहीं करता

तब नगर के बीच से गुज़रता हुआ

मुर्दा

यह प्रश्न कर हस्तक्षेप करता है—

मनुष्य क्यों मरता है?

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श्रीकांत वर्मा

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स्रोत :
  • पुस्तक : अंतरा (भाग-1) (पृष्ठ 148)
  • रचनाकार : श्रीकांत वर्मा
  • प्रकाशन : एन सी ई आर टी
  • संस्करण : 2022
हिंदी क्षेत्र की भाषाओं-बोलियों का व्यापक शब्दकोश : हिन्दवी डिक्शनरी

हिंदी क्षेत्र की भाषाओं-बोलियों का व्यापक शब्दकोश : हिन्दवी डिक्शनरी

‘हिन्दवी डिक्शनरी’ हिंदी और हिंदी क्षेत्र की भाषाओं-बोलियों के शब्दों का व्यापक संग्रह है। इसमें अंगिका, अवधी, कन्नौजी, कुमाउँनी, गढ़वाली, बघेली, बज्जिका, बुंदेली, ब्रज, भोजपुरी, मगही, मैथिली और मालवी शामिल हैं। इस शब्दकोश में शब्दों के विस्तृत अर्थ, पर्यायवाची, विलोम, कहावतें और मुहावरे उपलब्ध हैं।

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