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‘ऑल इंडिया कैंपस कविता’-2026 के निर्णायक

‘हिन्दवी उत्सव’ के अंतर्गत रविवार, 23 अगस्त 2026 को उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र [NCZCC], प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में आयोजित होने जा रही ‘ऑल इंडिया कैंपस कविता’ प्रतियोगिता अब अपने निर्णायक पड़ाव की ओर बढ़ रही है। यह प्रतियोगिता देश भर की नई पीढ़ी के कवियों को एक साथ एक मंच पर लाने का एक प्रयत्न-प्रयोग है। देश के कोने-कोने से आई कविता-प्रविष्टियों में विचार, भावन, संवेदना, कल्पना और लय की सुंदरता तो थी ही; इनमें अपने समय की व्याकुलता, युवकोचित आत्मविश्वास, उचित आदर्शवाद, यथार्थ-दृष्टि और जीवन के विकट अनुभवों को कहने का साहस भी दिखाई दिया।

अब जब प्रतियोगिता की अंतिम सूची यानी टॉप-10 घोषित हो चुकी है, ‘हिन्दवी’ की आकांक्षा है कि इस प्रयत्न-प्रयोग का शेष काम हिंदी-प्रेमियों यानी आप सबके साथ और सहभागिता से पूरा हो। इसी क्रम में हम हिंदी भाषा और साहित्य में रुचि रखने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सहर्ष आमंत्रित कर रहे हैं कि वे आगे आएँ, ‘ऑल इंडिया कैंपस कविता’-2026 में चुने गए दस कवियों की कविताएँ पढ़ें और अपने पसंदीदा कवि के लिए वोट करें।

‘हिन्दवी’ का यह प्रयत्न-प्रयोग केवल एक कविता-प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है। इसे हम एक लोकतांत्रिक काव्य-संवाद की तरह देखते हैं, जिसमें हर पाठक की भूमिका निर्णायक की है। यह वह अवसर है जहाँ कविता का फ़ैसला कोई एक निर्णायक या निर्णायक-मंडल नहीं करेगा, बल्कि प्रत्येक वह पाठक करेगा जो कविता से प्रेम करता है, उसकी समझ रखता है और उसमें संभावना देखता है।

लेकिन कविता का निर्णायक होना केवल किसी कविता को पसंद या नापसंद करने भर का मामला नहीं है। निर्णायक होने का अर्थ है—कविता को पर्याप्त धैर्य के साथ पढ़ना, उसके भीतर जाना और यह देखना कि वह अपने शब्दों से हमारे सामने किस तरह का संसार रचती है। इसलिए ‘हिन्दवी’ ने इस निर्णायक प्रक्रिया के लिए पूरी तैयारी की है। हम आपको आमंत्रित कर रहे हैं कि नीचे दिए गए लिंक पर जाएँ, ‘ऑल इंडिया कैंपस कविता’-2026 के टॉप-10 प्रतिभागियों की कविताएँ पढ़ें और अपने प्रिय कवि को वोट करें। यह मौक़ा केवल पाठक होने का नहीं, बल्कि साहित्यिक भागीदारी निभाने का भी है।

प्रत्येक कविता—अगर वह कविता है—एक नए संसार का स्वप्न देखती और उसका निर्माण करती है। वह हमारे सामने कोई नई दृष्टि खोल सकती है, हमारे देखे हुए संसार को किसी दूसरी जगह से दिखा सकती है। इन कविताओं को पढ़ते हुए, उनके भावों से गुज़रते हुए, उनमें किए गए प्रेम को महसूस करते हुए, कहीं समाज की विडंबनाओं से निराश होते हुए, कहीं किसी अनुभव के साथ अपने अनुभव को जोड़ते हुए हम जब लौटते हैं, तो हर बार कुछ नए होकर लौटते हैं। किसी कविता के पक्ष में अपनी सहमति की मुहर लगाना इसलिए केवल एक प्रतियोगी को वोट देना नहीं है। यह उस विचार, उस कल्पना, उस संवेदना और उस काव्य-दृष्टि पर अपना विश्वास प्रकट करना भी है; जिसे आपने कविता में पहचाना है।

यहीं से यह प्रश्न भी महत्त्वपूर्ण हो जाता है कि कविता का मूल्यांकन आख़िर किस आधार पर किया जाए। कविता की प्रस्तुति में दो चीज़ें विशेष रूप से हमारे सामने आती हैं—पहली, कविता का टेक्स्ट, उसका कथ्य या विचार; और दूसरी, उसका पाठ।

कई बार कविता-पाठ में प्रयुक्त अभिनय, आवाज़ की लय, उसके उतार-चढ़ाव और आवाज़ का टेक्सचर एक बेहतरीन कविता को अविस्मरणीय बना देते हैं। एक अच्छी कविता को वे और बेहतर अनुभव में बदल सकते हैं और कभी-कभी किसी साधारण कविता को भी प्रभावशाली बना सकते हैं। ठीक इसके उलट, एक साधारण पाठ किसी बेहतरीन कविता के प्रभाव को सीमित भी कर सकता है।

लेकिन इन सबके इतर कविता का टेक्स्ट, उसका कथ्य और उसका विचार कविता का सबसे अनिवार्य अंग है। जब कोई पाठक या निर्णायक कविता को पढ़ता है, तब कविता उसके सामने बिना किसी विशेषण, बिना किसी मंचीय प्रभाव और बिना किसी अतिरिक्त सहारे के उपस्थित होती है। पर्याप्त धैर्य और व्यवधानरहित दृष्टि के साथ कविता को पढ़ता हुआ पाठक उसके टेक्स्ट तक बेहतर ढंग से पहुँच पाता है—उसकी भाषा, संवेदना, विचार और अंतर्निहित अर्थों को समझते हुए।

यहाँ हमारा आशय यह बिल्कुल नहीं है कि कविता का मंचीय पाठ महत्त्वपूर्ण नहीं है। कविता का यह पाठ ज़रूरी है, क्योंकि वह कविता को एक अलग अनुभव और जीवन देता है। आवाज़ कविता को नई देह देती है, उसकी लय को सामने लाती है और कई बार उसके उन अर्थों को भी खोलती है जो केवल आँख से पढ़ते हुए छूट सकते हैं। कविता जब किसी आवाज़ में हमारे सामने आती है, तो वह एक सामूहिक अनुभव भी बन सकती है। लेकिन केवल पाठ की प्रभावशीलता से किसी कविता की श्रेष्ठता तय हो जाए, यह ‘हिन्दवी’ की अंतिम कसौटी कभी नहीं होगी।

हम मानते हैं कि कविता-पाठ में कलात्मकता, अभिनय और दृश्य-विशेषण महत्त्वपूर्ण हो सकते हैं, लेकिन कविता की गुणवत्ता का अंतिम आधार उसका टेक्स्ट, उसका कथ्य और उसका विचार ही होना चाहिए। आवाज़ कविता तक पहुँचने का एक माध्यम है, कविता स्वयं उस आवाज़ से आगे मौजूद रहती है। इसलिए हमारे लिए पाठ कविता का विकल्प नहीं, कविता तक पहुँचने का एक रास्ता है।

कविता को सुनना और कविता को पढ़ना—दोनों के अपने अनुभव हैं। लेकिन जब हमें यह तय करना हो कि किसी कविता में कितनी संभावना है, वह अपने समय को किस तरह देखती है, उसकी भाषा में कितनी रचनात्मकता है, उसका कथ्य कितना अर्थमय है और उसका विचार हमें किस तरह प्रभावित या विचलित करता है; तब हमें कविता के मूल टेक्स्ट के पास बार-बार लौटना ही होगा, क्योंकि वहीं कविता अपने सबसे निर्भीक रूप में हमारे सामने होती है।

इसलिए ‘ऑल इंडिया कैंपस कविता’ में आपका वोट केवल किसी कवि को विजेता बनाने का माध्यम नहीं है। वह आपकी साहित्यिक दृष्टि का भी एक छोटा-सा हस्ताक्षर है। आप जिस कविता के पक्ष में वोट करते हैं, उसके साथ आप एक भाषा, एक संवेदना, एक कल्पना और एक काव्य-दृष्टि के पक्ष में खड़े होते हैं... और यही इस प्रतियोगिता को महज़ प्रतियोगिता से कुछ अधिक बनाता है। यहाँ निर्णायक होने का अर्थ किसी कविता को अंक देना भर नहीं, बल्कि कविता के साथ एक गंभीर पाठकीय रिश्ता बनाना है। हम चाहते हैं कि आप कविताओं को पढ़ें, उन्हें सुनें, उनके पाठ से गुज़रें, लेकिन अंततः अपने निर्णय के लिए कविता के टेक्स्ट के पास लौटें।

इस प्रतियोगिता में विजेता को सिर्फ़ एक ट्रॉफ़ी, प्रमाण-पत्र और पुरस्कार-राशि ही नहीं मिल रही है; उसे मिल रहा है इस महादेश के कविता-प्रेमी साहित्यिक पाठकों का प्रेम, सराहना और समर्थन। आपका समर्थन नई पीढ़ी के कवियों के लिए सबसे बड़ी हौसला-अफ़ज़ाई होगा। शायद किसी नए कवि के लिए यह विश्वास भी कि उसकी कविता किसी दूसरे तक पहुँची है, किसी ने उसे पढ़ा है, उसमें अपनी कोई संभावना देखी है।

तो आइए, इस अनोखे कविता-आयोजन के निर्णायक बनिए! कविताओं को पढ़िए, उन्हें महसूस कीजिए, उनके पाठ से गुज़रिए और फिर उस कविता के पक्ष में अपना वोट दीजिए जिसमें आपको अपने समय को देखने, समझने और बदलने की कोई नई दृष्टि दिखाई देती है... क्योंकि कविता का अंतिम फ़ैसला केवल मंच पर नहीं होता। वह हर उस पाठक के भीतर होता है, जो कविता को सचमुच पढ़ता है।

वोटिंग करने का तरीक़ा : अपने पसंदीदा कवि को वोट करने के लिए आपको दिए गए लिंक पर जाना होगा। लिंक के माध्यम से आप ‘हिन्दवी’ वेबसाइट पर बनाए गए वोटिंग-पेज पर पहुँच जाएँगे। इसके बाद आपको एक मान्य ई-मेल पते [Email ID] से रजिस्टर करना होगा, ताकि आपकी पहचान और वोट हम तक पहुँचने में आसानी हो। ई-मेल रजिस्टर करने के बाद आपको लिखे गए मेल पर ओटीपी प्राप्त होगा। उसे भरकर आप आगे बढ़ेंगे और प्रतिभागी-कवि के नाम के सामने मौजूद बटन को दबाकर अपना वोट रजिस्टर कर पाएँगे।

नोट : एक मान्य ई-मेल पते [Email ID] से केवल एक वोट ही वैध माना जाएगा। एक से अधिक वोट निरस्त माने जाएँगे या उनकी गिनती नहीं की जाएगी।

वोटिंग करने की अंतिम तिथि : 22 अगस्त 2026 

वोट कीजिए : वोटिंग लिंक

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