मौत

अतुल

मौत

अतुल

और अधिकअतुल

    घड़ी की सूई से रेस लगाती है मौत

    फूलती साँसों के साथ

    तेज़ बहुत तेज़ एक गिनती करती चली जाती है।

    उम्मीद ऐसे में एक फुदकती चिड़िया है

    जो सुबह दालान की रौशनी में झाँकती है

    फिर दिन भर नज़रों का धोखा बन सरकार और बीमार

    दोनों को बाँधे रखती है

    उनकी सार्थकता के धोखे में।

    सरकार झूठ की मुनादी करती है :

    ''सच आपकी आँखों का धोखा है

    झूठ हमारे धोखे का सच।''

    सच बोलना और जेल जाना एक बात है।

    सरकार ज़ोर से डुगडुगी बजा के अट्टहास करती है :

    सब चंगा सी, एंड एनीथिंग अदरवाइज़ इज़ लाई एंड ट्रीज़न

    आपकी नियति है सच बोलते हुए जेल जाना या झूठ सुनते हुए मर जाना।

    वे तमतमा जाते हैं, आँख चढ़ाते है, साँस फुलाते हैं,

    ऑक्सीमीटर ख़तरा बताता है

    अस्पताल का बिस्तर चुनाव-चिह्न नहीं

    ऑक्सीजन का सिलिंडर एक फुदकती चिड़िया है।

    स्रोत :
    • रचनाकार : अतुल
    • प्रकाशन : हिन्दवी के लिए लेखक द्वारा चयनित

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