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जमीन

jamin

गोरख पांडेय

और अधिकगोरख पांडेय

    केकरे नांवे जमीन पटवारी

    केकरे नांवे जमीन?

    कागज कइसन कलमिया कइसन

    कइसन घोड़ा लगमिया कइसन

    कोरट कचहरी में केकर सवारी

    कइसन नियाव के जीन?

    केकर करनी केकर भरनी

    केकर नाव केकर बैतरनी

    केकरे जांगर से माटी फुलाइली

    के खाए चाउर महीन?

    जाड़ा, गरमी, बरखा जनलीं

    गोहूं ओसवलीं भूसा बनलीं

    काहें बरध सब खेतवा चरलें

    हम भइलीं कउड़ी के तीन।

    नालिस कइलीं दारोगवा आइल

    बाबू के बंगला मुरगा कटाइल

    मड़ई फूंक तमाशा देखलें

    चमकवलें संगीन।

    जेकर धुरिए में जिनगी सिराइल

    ओकर नउआ कहवां बिलाइल

    जे धरती से दूरे रहेला

    कइसे करेला अधीन!

    खून-पसीना नगरिया लूटल

    लखि-लखि धीरज के बन्हवा टूटल

    अब हम किसान-मजूरा मिलिके

    हक लेइब चोरन से छीन।

    स्रोत :
    • पुस्तक : गोरख पाण्डेय के भोजपुरी गीत (पृष्ठ 13)
    • संपादक : जीतेन्द्र वर्मा
    • रचनाकार : गोरख पाण्डेय
    • प्रकाशन : राष्ट्रीय पुस्तक न्यास
    • संस्करण : 2009

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