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केकर ह ई देस अउर के काटत बड़ुए चानी?

kekar ha ii des aur ke katat baDue chani?

विजेन्द्र अनिल

विजेन्द्र अनिल

केकर ह ई देस अउर के काटत बड़ुए चानी?

विजेन्द्र अनिल

और अधिकविजेन्द्र अनिल

    केकर देस अउर के काटत बड़ुए चानी?

    केकर जोतल, केकर बोअल

    के काटेला खेत?

    केकर माई पुआ पकावे

    केकर चीकन पेट?

    के मरि-मरि सोना उपजावे, के बनि जाला दानी?

    ताजमहल केकर सिरजल

    केकर ताज?

    केकर माल खजाना?

    करत आजु के राज?

    पांकी-कांदों में के बइठल, के सेवे रजधानी?

    केकरा खून-पसेना से

    लउकत बड़ुए हरियाली?

    के सीमा पर खून बहावे

    केकरा मुँह पर लाली?

    के अमरित के घड़ा बनावे, के पीयेला पानी?

    केकर देस अउर के काटत बड़ुए चानी?

    स्रोत :
    • पुस्तक : विजेन्द्र अनिल के गीत (पृष्ठ 9)
    • रचनाकार : विजेन्द्र अनिल
    • प्रकाशन : संरचना प्रकाशन, आरा
    • संस्करण : 1993

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