Font by Mehr Nastaliq Web
Ruma Nishad's Photo'

रूमा निषाद

नई पीढ़ी की लेखक।

नई पीढ़ी की लेखक।

रूमा निषाद के बेला

10 सितम्बर 2026

घाटों पर बदलता बनारस

घाटों पर बदलता बनारस

चइत की एक शाम अस्सी घाट पर चइत [चैत] चल रहा है। गुलमोहर में लाल-लाल फूल आ गए हैं। महुए रस से भर गए हैं। दिन-रात टप-टप-टप चू रहे हैं। आम के मंज़र अब टिकोरे में बदल गए हैं। गेहूँ की बालियाँ पक गई है

17 जून 2026

राप्ती से गंगा तक, गंगा से राप्ती तक

राप्ती से गंगा तक, गंगा से राप्ती तक

राप्ती से गंगा तक राप्ती एक सदाबहार नदी है जो मेरे गाँव से लगकर बहती है। मेरे घर के छत से उसकी विशालता को देखा जा सकता है। मेरा बचपन इसकी धाराओं के साथ खेलने में बीता है। इसकी नन्हीं-नन्हीं मछलियो

Recitation