आम तौर पर बांग्लादेश के लोग अत्यंत भावुक हैं और एक बार किसी को अपनाना शुरू कर दें, तो कुछ भी कर डालते हैं। और अगर वे आपको नापसंद करें, तो पूरी तरह ठुकरा देंगे।
भूगोल के अर्थ में जिसे हम बंगाल कहते हैं, उसमें कोई गहरी एकता मुझे नहीं मिलती क्योंकि बंगाल केवल मृण्मय पदार्थ नहीं है, वह चिन्मय भी है।
-
संबंधित विषय : रवींद्रनाथ ठाकुर