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वल्लभाचार्य

1478 - 1531 | बगहा, बिहार

वल्लभाचार्य के उद्धरण

अहंता और ममता के नाश से सर्वथा अहम्-विहीन होने पर जब जीव स्वरूपस्थ हो जाता है तो उसे कृतार्थ कहा जाता है।

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