Font by Mehr Nastaliq Web
noImage

श्रीहर्ष

श्रीहर्ष की संपूर्ण रचनाएँ

उद्धरण 6

शिष्टाचार के कारण अपनी आत्मा को भी तिनके के समान लघु बनाना चाहिए, अपना आसन छोड़कर अतिथि को देना चाहिए, आनंद के अश्रुओं से जल देना चाहिए और मधुर वचनों से कुशलक्षेम पूछना चाहिए।

  • शेयर

देवता प्रसन्न होने पर और कुछ तो नहीं देते, सद्बुद्धि ही प्रदान करते हैं।

  • शेयर

जिसका जन्म याचकों की कामना पूर्ण करने के लिए नहीं होता, उससे ही यह पृथ्वी भारवती हो जाती है, वृक्षों, पर्वतों तथा समुद्रों के भार से नहीं।

  • शेयर

पित्त से जिह्वा के दूषित हो जाने पर मिश्री भी कड़वी लगती है।

  • शेयर

श्वेत वस्तु के बीच कालिमा सरलता से दिखाई दे जाती है।

  • शेयर

Recitation