होर्खे लुई बोर्खेस की संपूर्ण रचनाएँ
उद्धरण 66

टेनिसन ने एक बार कहा था कि अगर हम एक फूल को भी समझ सकें, हम यह जान सकेंगे कि हम कौन हैं और यह विश्व क्या है। शायद वह यह कहना चाहते थे कि ऐसा कोई तथ्य नहीं है, चाहे कितना ही महत्त्वहीन क्यों न हो, जो ख़ुद में ब्रह्मांडीय इतिहास न समेटे हो और कारण व प्रभाव की अंतहीन कड़ियाँ न जोड़ता हो। शायद वह यह कहना चाहते हों कि दृश्य विश्व सारे लक्षणों में अंतर्निहित है, जैसा कि शोपेनहावर कहते हैं कि इच्छा सारी विषयवस्तु में अंतर्निहित है।