हम किसी प्रेमी से प्रेम नहीं करते, स्वयं प्रेम से
ही प्रेम करते हैं—प्रेम, जो शून्य जैसा है, वृत्त जैसा
प्रेम प्रेमी की मुद्रा है, ऐसी मुद्रा जो किसी देश की नहीं
इसीलिए : अंगूठी, इसीलिए : चाँद—
इसमें कोई हैरानी नहीं
कि वह ख़ाली वृत्त बार-बार लौट आता है
हमारे अंतरंग अँधेरों में, त्वचा के व्यापार में
इतना उग्र कि हम अक्सर समझ बैठते हैं
कि प्रेम कोई ऐसी चीज़ है
जिसे हम साझा कर सकते हैं—
लेकिन हम हमेशा ग़लत ही होते हैं
जब हमारा प्रेमी दयापूर्वक विदा हो जाता है
और हमें फिर से प्रेम के कारबार में लौटना पड़ता है
तो या तो हम उसे मेज़बान की तरह
अपने भीतर चुपचाप रख लेते हैं
या फिर हम
उसके उभरे हुए ढोल को इतना ज़ोर से पीटते हैं
कि सारी दुनिया जान ले कि वह किसके पास है
और यही हमेशा मेरा तरीक़ा रहा था :
चाँद भी एक बोधरान है
एक चमड़ी का ढोल, मकर राशि की खाल से उधेड़ा हुआ
और कितनी ही बार मैंने उसे उसकी ऊँची कील से उतारा
बंदूक़ की तरह अपने बाजू में कसकर थाम लिया
और केवल इस आनंद के लिए उसे बेतहाशा पीटा
कि मेरी पसलियों के नीचे वह विशाल हृदय
फिर से धड़क उठे
मैंने हज़ारों प्रहार उल्काओं की तरह बरसाए
चंद्र-सागर के मधुर बिंदु पर
जहाँ मैं उसे उसका नाम बार-बार गाने के लिए विवश कर सकता था
जब तक मेरे पास चाँद है, कोई जहाज़ नहीं डूबेगा, न कोई स्त्री लहू बहाएगी
न कोई पुरुष पागल होगा—मैं तेज़ सुर लगाता रहा
लेकिन सच यह है कि मैं हास्यास्पद था :
वह मूर्ख जो संगीत की सभा में सब कुछ बिगाड़ देता है सबके लिए
वृत्त के राजाओं ने भी मुझसे विनती की कि मैं इसे अंदर रख लूँ
आख़िरी बार मैंने अपनी क़मीज़ उतारी
और एक कत्थई दाग़ पाया जो कूल्हे से कलाई तक फैला था
दो साल बीत गए तब जाकर कोई आत्मा मुझे छू सकी
अपने सबसे घटिया रूप में भी प्रेम को थामे रखना हमें मार डालता है
और उसे छोड़ देना भी हमारी जान लेता है
और ये स्थितियाँ हमें कैमी फ़्लामारियों तक ले आती हैं
जो अपनी कृति ‘तेर दयू स्येल’ के पहले पन्ने पर हस्ताक्षर कर रहा है
उस लड़की के लिए जो अभी-अभी सनैटोरियम से लौटी है
और उसकी टिप्पणी—जिसे दिए बिना वह रह नहीं सका—
उसके कंधों की सुंदर, निष्कपट पीली आभा पर
और फिर दो साल बाद वही किताब खोली जाती है—
उस लड़की की साफ़ लिखावट में फिर से लिखी हुई, ‘मेरे प्रेम सहित’
और उसकी अपनी चंद्र-सी त्वचा में जड़ी हुई।
- रचनाकार : डॉन पैटरसन
- प्रकाशन : हिन्दवी के लिए शायक आलोक द्वारा चयनित
Additional information available
Click on the INTERESTING button to view additional information associated with this sher.
About this sher
rare Unpublished content
This ghazal contains ashaar not published in the public domain. These are marked by a red line on the left.