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चमत्कारों की देवी

chamatkaron ki devi

अनुवाद : शायक आलोक

नीना कासियान

नीना कासियान

चमत्कारों की देवी

नीना कासियान

और अधिकनीना कासियान

    जब से तुम मुझे छोड़कर चले गए हो

    मैं हर घंटे और अधिक सुंदर होती जा रही हूँ

    मैं अँधेरे में चमकती हूँ एक लाश की तरह

    कोई नहीं देखता कि मेरी आँखें

    कितनी गोल और कितनी तेज़ हो गई हैं

    कि मेरा ढाँचा काँच के एक कलश जैसा दिखता है

    कि किस तरह मैं अपने फटे-चिथड़े हाथों में

    चीज़ें थामे रहती हूँ

    कि लालसा से अपंग होकर भी किस तरह

    खड़ी रह सकती हूँ

    नहीं—

    बस तुम्हारी क्रूरता ही मेरे सिर के चारों ओर

    चक्कर काट रही है

    एक चमकदार सड़ांध प्रभामंडल की तरह।

    स्रोत :
    • रचनाकार : नीना कासियान
    • प्रकाशन : हिन्दवी के लिए शायक आलोक द्वारा चयनित

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